ईरान ने गूगल, ऐपल सहित 18 अमेरिकी टेक कंपनियों को दी धमकी, ट्रंप बोले- कुछ नहीं कर पाएंगे

तेहरान 

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच गूगल, और ऐपल जैसी कंपनियों पर ईरान ने हमले की धमकी दी है. इसके बाद अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जवाब दिया कि वह कुछ नहीं कर पाएंगे. उनकी लीडरशिप से कई लोग तो मारे जा चुके हैं. ये जानकारी एएनआई द्वारा पोस्ट वीडियो से मिली है। 

वीडियो में जब पश्चिम एशिया में काम कर रही अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ ईरान की धमकी के बारे में पूछा गया, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हैरान कर देने वाली जानकारी दी है। 

ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने (ईरान ने) पश्चिम एशिया में काम कर रही अमेरिकी कंपनियों को कैसे धमकाया है. क्या उन्होंने कहा कि वे उन्हें उड़ा देंगे? क्या वे उन पर हमला करने वाले हैं? 

ट्रंप ने आगे कहा कि वे ऐसा नहीं करने जा रहे. वे उन पर परमाणु हथियार से हमला नहीं करेंगे. उनकी लीडरशिप में से ज्यादातर तो पहले ही मारे जा चुके हैं। 

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लिस्ट में एआई कंपनियों के भी नाम
इस बयान में आईआरजीसी ने विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों की भूमिका पर सवाल उठाया। उसने आरोप लगाया कि ये कंपनियां सैन्य अभियानों खासतौर पर ड्रोन और लक्ष्य चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस दौरान ईरानी फोर्स ने OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों का भी नाम लिया।

ईरानी सैन्य अधिकारी की मौत
यह धमकी ऐसे समय आई है जब ईरान ने इस बात की पुष्टि की है कि उसके एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की हाल ही में अमेरिकी-इजरायली हमले में मौत हुई है। आईआरजीसी प्रमुख अहमद वैहिदी ने ब्रिगेडियर जनरल जमशिद एशाघी की मौत पर शोक व्यक्त किया है। एशाघी ईरान की सैन्य संरचना में अहम भूमिका निभाते थे और रक्षा बजट व वित्तीय मामलों के प्रमुख थे।

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एशाघी की भी मौत
रिपोर्ट के अनुसार, एशाघी की मौत एक हवाई हमले में हुई, जिसमें उनके परिवार के सदस्य भी मारे गए। अमेरिका ने 2025 में उन पर प्रतिबंध लगाया था और आरोप लगाया था कि वे ईरानी तेल को चीन भेजने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े थे, जिससे प्राप्त धन का उपयोग क्षेत्रीय संगठनों जैसे हिज्बुल्लाह, हमास और हूती को समर्थन देने में किया जाता था।

गौरतलब है कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में ईरान के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं, जिनमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और वरिष्ठ नेता अली लारीजानी भी शामिल हैं। इन घटनाओं के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंकाएं लगातार बढ़ रही हैं।

18 अमेरिकी कंपनियों की लिस्ट जारी
एक दिन पहले ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 18 अमेरिकी कंपनियों की लिस्ट जारी कर हमले की चेतावनी दी. इसमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ऐमेजॉन, इंटेल और ऐपल जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। 

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कई अमेरिकी टेक कंपनियां ईरान में काम कर रहीं
IRGC का कहना है कि इन कंपनियों के रीजनल ऑपरेशन को निशाना बनाया जाएगा. इसका मतलब है कि जो अमेरिका कंपनियों के यूनिट ईरान के अंदर काम कर रही हैं, उनको शिकार बनाया जाएगा. इस हमले को अमेरिका के खिलाप जवाबी एक्शन को बताया गया है। 

IRGC ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिकी कंपनियों को तबाह करने की धमकी दी है. साथ हमले की टाइमलाइन तक को बताया गया है. यह सिलसिला 1 अप्रैल से शुरू होगा. बताते चलें कि ईजरायल के साथ मिलकर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था. अब ये युद्ध करीब 1 महीने से जारी है। 

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